बहन की शादी के लिए पैसा जोड़ने गया था देवानंद परंतु वह तो नहीं आया शव लौटा गांव, शोक में डूबा पूरा गाँव ।
भरनो। गुमला : भरनो प्रखंड अंतर्गत डुड़िया पंचायत के ग्राम बंगरू निवासी प्रवासी श्रमिक देवानंद उराव उम्र 22 की सड़क दुर्घटना में चेन्नई में हुई दर्दनाक मौत। परिजनों में शोक की लहर गांव में पसरा मातम।
प्राप्त सूचना के अनुसार करंज थाना क्षेत्र के बंगरू गांव निवासी प्रवासी श्रमिक देवानंद उरांव पिता सोमेश्वर उरांव उम्र 22 वर्ष विगत 1 वर्ष पूर्व रोजगार की तलाश में चेन्नई गया हुआ था वहीं पर केबल बिछाने का कार्य कर रहा था बीते 11-3-26 क़ो कार्य के दौरान सड़क दुर्घटना में प्रवासी श्रमिक की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। जैसे ही परिजनों को मृत्यु की खबर मिली कोहराम मच गया, परिजन एवं मृतक की मां दहाड़े मार मार कर रोने लगी पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. मृतक युवक देवानंद उराव पूरे परिवार का जिम्मेवारी अपने ऊपर उठाए हुए थे। मृतक देवानंद उराव ने फोन में अपने परिवार वालों को बतलाया था की बहन की शादी के लिए पैसा जुटाना है इसलिए अभी चेन्नई में ही रखकर कार्य करेगा। परिजनों को मृत्यु के खबर ने तो झकझोर दिया था परन्तु परिजन ज्यादा चिंतित थे की शव को कैसे चेन्नई से गाँव कैसे लाया जाए।
ग्रामीणों के माध्यम से पंचायत समिति सदस्य शांति उराव क़ो प्रवासी श्रमिक देवानंद उरांव की मृत्यु की खबर मिली तब परिजनों से मिलकर हाल-चाल जाना तब परिजनों ने मृतक के शव क़ो गाँव लाने की चिंता जाहिर उनके समक्ष की।
पंचायत समिति सदस्य शांति उराव ने तत्काल इसकी जानकारी पंचायत समिति सदस्य जहांगीर आलम को दी तथा परिजनों का मदद करने का गुहार लगाया, पंचायत समिति सदस्य जहांगीर आलम ने परिजनों से बात कर वस्तु स्थिति से अवगत हुए और उन्होंने चेन्नई में कार्यरत कंपनी से बातचीत की और शव क़ो पैतृक गाँव लाने की व्यवस्था को बनाया और मृतक के रिश्तेदार दो युवक को प्लेन के माध्यम से तत्काल चेन्नई रवाना किया परिजन वहां पहुंचकर शव को प्लेन के माध्यम से ही शनिवार 14 मार्च को लेकर अपने पैतृक गाँव लौट आए। मृतक युवक देवानंद उरांव जहां पर काम करता था वह कंपनी ने शव को पैतृक गांव भेजने के लिए प्लेन से आने जाने का खर्च को वहन किया साथ ही परिजनों को एक लाख रु तत्काल सहायता राशि प्रदान की है। शनिवार की देर शाम परिजनों ने मृतक युवक देवानंद का धार्मिक ऋति रीवाज अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया।
परंतु जिस बहन की शादी के लिए मृतक देवानंद पैसे जोड़ने गया था उस बहन की सिसकियां अब तक नहीं रुक रही है। सरकार के तरफ से मृतक के परिजनों को अभी तक कोई सहयोग की राशि नहीं मिली है पता नहीं आगे भी मिलेगी या नहीं पंचायत समिति सदस्य जहांगीर आलम ने कहा मानवीय संवेदना सर्वोपरि है हमारा क्षेत्र गरीब गुरुबो का है बड़ी संख्या में क्षेत्र से लोग रोजगार की तलाश पलायन करते हैं परंतु कई लोगों की मौत हो जाती है और जहां कार्य करते हैं वहां से कोई मुआवजा भी नहीं मिल पाता है कई जगह पर श्रमिकों का शोषण करने की भी खबरें आती है विभाग वैसे दलालों सरदारों को चिन्हित कर कार्रवाई करें और मृतक देवानंद उरांव के परिजनों को जल्द से जल्द मुआवजा के राशि प्रदान करें।







