गुमला /जारी :- जारी बाजार टांड बड़ाइक बगीचा में बीते रविवार दोपहर 12:00बजे चीक बड़ाइक समाज का बैठक का हुआ आयोजन।
बैठक का मूल उद्देश्य रहा की चीक बड़ाइक समुदाय को एक जुट करना तथा आगामी समारोह के प्रति जागरूक कर समारोह को सफल बनाने में जोर दिया गया, साथ हि साथ सरकार की मुख्य मार्ग से जोड़ना जिससे की सभी चीक बड़ाइक आदिवासी समाज सरकार की किसी भी योजनाओं से वंचित न हों पाएँ। बैठक की अध्यक्षता ननकु चीक बड़ाइक गुमला के द्वारा किया, बैठक के दौरण अध्यक्ष ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा की हम चीक बड़ाइक समुदाय अत्यंत ही प्रचलित समाज के लोग हैं, हम अपने अपने जीविकाओपर्जन के कारण विलुप्त होने के कगार में हैं जब से आधुनिकीकरण हुआ तब से हमारा हाथ का रोजगार छिना गया, जबकि हमारे पूर्वज लोगों का मुख्य कार्य कपड़ा बुनने के अलावे कृषि का कार्य कर अपना जीविका चलाया करते थे। अब वार्तामन में हालात यह है की जनसंख्या बढ़ते गए जमीन कम होने लगा ऊपर से शिक्षा की आभाव के कारण हमारे समाज के लोग और पीछे होते जा रहें हैं। इसलिए हमें जरुरत है की हम सभी चीक बड़ाइक आदिवासी समाज के लोग एक पैर में खड़ा होंवे और शिक्षा को सदैव प्राथमिकता देते हुए सरकार की सभी नियमों को समझ कर सर्वाधिक विकास की ओर बढ़ना है जिससे हमारे समाज के लोगों को प्रेरणा मिल सकें,और आगे बढ़कर विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान दे सकें तथा एक सम्मान जीवन जी सकें।
आगामी 10मई 2026 को समारोह आयोजन करने का मुख्य उद्देश्य
1.समाज के युवाओं का मार्गदर्शान एवं सशक्तिकरण
2.अव्वल छात्र छात्राओं एवं प्रेरणादायक माता पिता को सम्मानित करना
3.संस्कृतिक कार्यक्रम एवं विचार विमर्श
4.समाज के विकास पर चर्चा….
कार्य क्रम के दौरण सभी व्यक्तयों द्वारा अपने अपने विचार व्यक्ति किया। और आगामी समरोह के प्रति प्रोत्साहित शब्द बोलते बैठक की सराहना किया।
कोषाध्यक्ष प्रतिमा कुमारी ने अपना मंतव्य व्यक्त करते हुए कहा की आगामी समारोह में विशेष करके महिलाएँ शामिल होने की कोशिश करंगे हालांकि समारोह सबों के लिए है परन्तु महिलाएँ बढ़ चढ कर भाग लेने की प्रायश करेंगे और सभी महिलाएँ एवं पुरुष प्रयास करेंगे की हमारे चीक बड़ाइक द्वारा निर्मित वस्त्र को धारण कर समारोह में शरीख हों।
बैठक के अंत में सभी उपस्थितियों के लिए खिचड़ी एवं आलू चोखा का उत्तम प्रबंध किया था जिसे सयुंक्त रूप से ग्रहण कर अपने अपने निवास स्थल के लिए रवाना हुए।






