भरनो/गुमला : भरनो प्रखण्ड कार्यालय परिसर में स्थित प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय की स्थिति बहुत ही दयनीय है,प्रखंड की एक मात्र पशु चिकित्सालय है। जो काफी जर्जर स्थिति में पहुंची हुई है। जान हथेली पर रखकर पशु चिकित्सक एवं कर्मी करते हैं कार्य। इस बार की बेतहाशा बारिश में ऑफिस के अंदर भी कर्मी छाता लेकर काम कर रहे हैं टपक रहा है पूरा छत,वही डॉ विजय भारती ने बतलाया इस की बारिश में छत टपकने से जानवरों के लिए रखी हुई दवाई भी भीग के खराब हो रही है। नए भवन के लिए कई बार पत्राचार करने के बाद पशु चिकित्सालय निर्माण की स्वीकृति तो मिल गई है लेकिन सरकार का खजाना खाली है अभी राशि आवंटित नहीं हो पाई है 1 वर्ष पूर्व भवन निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने भी जाँच किया है जाँच के उपरांत उन्होंने कहा यहां से कहीं दूसरे जगह ऑफिस को शिफ्ट करें नहीं तो कभी भी हो सकता है,बड़ा हादसा छत गिरने की संभावना है, बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। यह कैसी विडंबना है जो बिल्डिंग कंडम घोषित हो गया है उसके बावजूद अब तक उसी बिल्डिंग में कार्य करने को पशुपालन विभाग के कर्मी एवं डॉक्टर विवश है पशु चिकित्सालय के बने लगभग 50 वर्ष हो चुके होंगे पत्थर से जोड़ी हुई दीवार ऐतिहासिक स्मारक होने का याद दिला रही है। जहां विधायक सांसद,मंत्री या जिले के आला अफसर या कहे प्रखंड के अन्य कर्मी भी ठाठ से बैठकर अपने ऑफिस में कार्य करते हैं वही पशु चिकित्सालय की हालत बद से बत्तर,कब इस पुरानी इमारत से पशुपालन विभाग के कर्मियों को निजात मिलती है या कब आला अफसरों का नजर इसमें पड़ता है और इन्हें अच्छे ऑफिस में बैठने का सौभाग्य प्राप्त होगा यह तो वक्त ही बतलाएगा।





