रांची में आत्मरक्षा प्रशिक्षण की पहल: पुलिस कराटे कोच मनीष कुमार मिश्रा बच्चों को दे रहे हैं विशेष प्रशिक्षण
रांची, झारखंड — महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सिमडेगा जिला निवासी और पुलिस कराटे कोच मनीष कुमार मिश्रा ने रांची में बच्चों और बच्चियों के लिए विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को कराटे की विधिवत ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे न केवल उनका शारीरिक विकास हो रहा है, बल्कि मानसिक रूप से भी वे सशक्त बन रहे हैं।
प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर कोच मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि कराटे केवल एक खेल नहीं, बल्कि यह जीवन जीने की एक कला है। उन्होंने कहा कि कराटे के नियमित अभ्यास से अनेक लाभ होते हैं — जैसे हृदय स्वास्थ्य में सुधार, सहनशक्ति और चपलता में वृद्धि, आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान में बढ़ोतरी, साथ ही एकाग्रता, मानसिक दृढ़ता, तनाव नियंत्रण, और आत्म-अनुशासन का विकास होता है। यह बच्चों में न केवल शारीरिक बल देता है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है।
इस प्रशिक्षण अभियान से प्रभावित होकर रांची साईबर डीएसपी श्रीमती नेहा बाला ने भी इसे एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल बताया और अपनी बेटी को इस आत्मरक्षा प्रशिक्षण में नामांकित कराया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि हर महिला के लिए एक आवश्यक सुरक्षा कवच है।

डीएसपी नेहा बाला ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर गहरी रुचि जताते हुए कहा,
> “हमारा उद्देश्य है कि रांची की हर लड़की और महिला तक आत्मरक्षा का प्रशिक्षण पहुँचे। यदि हर नारी आत्मरक्षा में दक्ष हो जाए, तो समाज में भय नहीं, सम्मान और सुरक्षा का वातावरण बनेगा।”
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पुलिस प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जाएगा ताकि यह प्रशिक्षण ज्यादा से ज्यादा महिलाओं तक पहुँच सके। उन्होंने इस पहल को नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत और सराहनीय कदम बताया।

नारी शक्ति को नई पहचान
डीएसपी ने यह भी कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाते हैं, बल्कि उनके अंदर छुपी शक्ति और आत्मविश्वास को भी उजागर करते हैं। “आज की नारी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है — यदि उसे आत्मरक्षा का प्रशिक्षण मिल जाए, तो वह खुद के साथ-साथ दूसरों की भी रक्षा कर सकती है।”
इस प्रेरणादायी पहल के माध्यम से रांची में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है, जहाँ माता-पिता अपनी बच्चियों को न केवल शिक्षा बल्कि सुरक्षा और आत्मबल के लिए भी तैयार कर रहे हैं। कोच मनीष कुमार मिश्रा और डीएसपी नेहा बाला जैसे जिम्मेदार नागरिकों की यह सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बन रही है।






