28.9 C
Ranchi
Wednesday, June 17, 2026
spot_img

प्रवासी श्रमिक की हुई पश्चिम बंगाल के ईट भट्ठा में मौत, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल।

प्रवासी श्रमिक की हुई पश्चिम बंगाल के ईट भट्ठा में मौत, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल।

ईट भट्ठा संचालक ने दस हज़ार देकर परिजनों को थमाया झुनझुना, क्या विभाग करेगी कार्रवाई।

भरनो। गुमला : भरनो प्रखंड के दक्षिणी भरनो पंचायत अंतर्गत बरटोली निवासी प्रवासी श्रमिक बंधु उराव 45 वर्ष की बंगाल के ईट भटठा में काम करने के दौरान सोमवार को हुई अकाल मृत्यु परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल।

मिली जानकारी के अनुसार दक्षिणी भरनो पंचायत के बरटोली निवासी बंधु उराव उम्र 45 वर्ष प्रवासी श्रमिक की अचानक सोमवार को मृत्यु हो गई, प्रवासी श्रमिक दिसंबर माह में रोजगार की तलाश में पश्चिम बंगाल चला गया था।

वहीं पर ईंट भट्ठे में मजदूरी कर रहा था सोमवार को दिन का काम समाप्त होने के पश्चात प्रवासी श्रमिक समय खाना बनाकर खाया और अचानक प्रवासी श्रमिक गिरकर अचेत हो गया,परिचित लोगों ने तत्काल उस व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया परंतु डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया, प्रवासी श्रमिक बंधु उराव की मृत्यु की सूचना जैसी ही परिवार को मिली घर में कोहराम मच गया परिजन विलख बिलख कर रोने लगे।

स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल ईंट भट्ठा के मालिक से बात कर शव को गांव भेजने का आग्रह किया ईट भट्ठा के मालिक ने एंबुलेंस की व्यवस्था कर शव को गांव भेज दिया,परिजनों ने मंगलवार को मृतक प्रवासी श्रमिक का अंतिम संस्कार आदिवासी रीति रिवाज के साथ कर दिया।

सवालों के घेरे में ईंट भट्ठा संचालक एवं मजदूर भेजनें वाले सरदार पर क्या कार्रवाई होगी।

परंतु बड़ा सवाल यहां पर खड़ा होता है कि प्रवासी श्रमिक बंधु उरांव को ईट भट्ठा के संचालक से क्या सहायता मिला, परिजनों से बातचीत करने पर पता चला कि महज दस हज़ार रुपए देकर ईट भट्ठा के संचालक में अपना पिंड छुड़ा लिया अब जरा सोचिए कि क्या एक मजदूर की कीमत सिर्फ दस हज़ार रु है।

मृतक प्रवासी श्रमिक बंधु उराव की विधवा पत्नी सोमाली उराईन एवं दो बच्चों का क्या होगा परिवार में एक ही कमाने वाला व्यक्ति था जिसकी मृत्यु हो चुकी है।

श्रम विभाग सुपरवाइजर स्मिता लुगुन से बात कर प्रवासी श्रमिक की जानकारी दी गई है उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार आवेदन उपलब्ध कराएँ उन्हें सरकार से दी जाने वाली लाभ जल्द उपलब्ध कराने का प्रयास करूंगी।

दिसंबर के माह में धान कटाई जब अपने अंतिम चरण में होता है तो ईट भट्ठा के सरदार, मजदूरों को बहला फुसलाकर काम दिलाने के बहाने दूसरे प्रदेशों के ईंट भट्ठा में ले जाकर पहुंचते हैं ईट भट्ठा के संचालकों के द्वारा सरदार दलालों को कमीशन स्वरूप मोटी रकम भी दी जाती है। परंतु प्रवासी श्रमिक के साथ जब कोई दुर्घटना घटती तब उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक सहायता ईट भट्ठा संचालक के द्वारा नहीं उपलब्ध कराई जाती है कथित सरदार दलाल उस मामले को लीपापोती करने में ईट भट्ठा संचालक का भरपूर साथ देते हैं ऐसे लोगों को तत्काल चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए जिससे श्रमिकों के हक अधिकार की रक्षा हो सके और उन्हें सरकार द्वारा दी जाने वाली लाभ उपलब्ध कराई जा सके।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here
Are you human? Please solve:Captcha


Stay Connected

899FansLike
1,500FollowersFollow
568SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles