रांची। डोरंडा मनीटोला फिरदौस नगर स्थित खानकाह मज़हरिया मुनअमिया मे आज बरोज सोमवार को हुजूर अमीरुल मोमीनीन सैय्यदुल शोहदा इमामे हुसैन राजीअल्लाह ताला अन्हो और दिगर अहले बैते कराम वा मोहिबबीने अहलेबैत के महासीन और उनकी तालीमात के हवाले से मजलिसे मोअज्जम का इनेकाद ज़ेरे सरपरस्ती जेबें सज्जादा खानकाह मज़हरिया मुनअमिया हज़रत अल्लामा व मौलाना पीरे तरीकत सैयद शाह अलकमा शिबली कादरी अबुलओलाई के जानिब से किया गया। मौके पर आप ने हज़रत इमामे हुसैन और अहले बैते-कराम के जो फ़जायल किताबों सुन्नत से साबित है उसे बयान फरमाया, उसके बाद जानासीने खानकाह मौलाना सैयद शाह अबु राफे तिबरानी ने सजरए अहले बैते कराम पढ़ा। उसके बाद कुल शरीफ हुआ और सलातो सलाम के बाद शरबत व लंगर ए हुसैनी तकसीम किया गया,साथ ही सैयदना गौसूल आजम की नज़र पेश किया गया। मौके पर मौलवी मनीरुद्दिन मुनीर ने मनकबते ईमाम हुसैन पेश किया। मजलिस में शहर के बहुत सारे अफराद शामिल हुए जिसमें सैयद शाह अबु शहमा राज़ी, सैयद अबुकेहाफा हेजाजी, सैयद अबु ज़रा हम्मादी, सैयद जैन कादरी, सैयद ज़िदान कादरी, मौलाना कुतुबुद्दीन रिज़वी, प्रोफेसर परवेज़ हसन, अलहाज इम्तियाज खा, मो नदीम खान, नवाब चिश्ती,शाहिद खान, मो अफ़रोज़,मो नईम,मो सोनू,रियाज कादरी, मो गुलज़ार कादरी, मो कमरू,मो अदनान कादरी,खुर्रम रिज़वी, मौलवी इक़बाल अतारी, फैजी, ताज रिज़वी, शब्बीर हव्वारी, सिबतैंन असदकी सहित कई लोग शामिल हुए।आखरी में हज़रत की दुवाओं पर मुल्क की सलामति पर मजलिस का समापन हुआ।
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