28.1 C
Ranchi
Monday, May 4, 2026
spot_img

फर्जी जाति आवासीय प्रमाण पत्र बना कर नौकरी हासिल करने का मामला का भांडाफोड़,कार्रवाई की मांग

चैनपुर/गुमला : चैनपुर प्रखंड अंतर्गत बेंदोरा पंचायत के ग्राम टीनटांगर में किसी दूसरे व्यक्ति के खतियान के आधार पर फर्जी वंशावली बनाकर जाति प्रमाण पत्र एवं आवासीय प्रमाण पत्र बना कर सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला प्रकाश में आया। मामला का उदभेदन तब हुआ जब 26/06/2025 दिन गुरुवार को टीनटांगर ग्राम में प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा एवं बाल बिकाश परियोजना के पर्यवेक्षिका, बेंदोरा पंचयात के मुखिया सुशील दीपक मिंज के संयुक्त अध्यक्षता में आंगनबाड़ी सेविका का चयन करने हेतु ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें एक महिला अभ्यर्थी सोनिया कुमारी पिता अशोक नायक मुख्यतः ग्राम हामी प्रखंड महुवाडांड़ जिला लातेहार के मूल निवासी है, जो विगत कई वर्षो से टीनटाँगर ग्राम मे रहते आ रहे हैं। इनके द्वारा सरकारी कर्मियों को दिग्भ्रमित कर फर्जी खतियान के आधार पर जाती एवं आवासीय प्रमाण बनवाकर सरकारी नौकरी हांसिल करने का प्रयास किया है। सोनिया कुमारी के दादा प्रभु नायक की शादी ग्राम टिनटांगर में हुई थी परन्तु कुछ वर्ष अपने ग्राम हामी में रहने के पश्चात अपने ससुराल टिनटांगर में अपने बाल बच्चों के साथ आकर रहने लगे और यही बस गए परन्तु समझने वाली बात यह है की यदि प्रभू नायक मूल रूप से ग्राम टीनटांगर के निवासी नहीं है तो उनकी पोती का जाती एवं आवासीय प्रमाण पत्र टीनटांगर गाँव से कैसे बाना। जबकि जाती प्रमाण पत्र बनाने के लिए 1932 का खतियान का आवश्यकता होती है। ऐसे मे सोनिया कुमारी का टिनटाँगर ग्राम से जाती एवं आवासीय कैसे बानाया गया। जबकि जाति प्रमाण पत्र एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सत्यापित करते हैं उसके उपरांत ही अंचल से प्रमाण पत्र निर्गत होता है।
इस सन्दर्भ मे अंचल निरीक्षक मनेश्वर सिंह से जब बात किया गया तो उन्होंने सीधा हाँथ खड़ा कर कर दिया और अपनी गलती भी नहीं स्वीकारी। अब फर्जी जाति प्रमाण पत्र एवं आवासीय प्रमाण पत्र के मामले में संवाददाता पुलिस पब्लिक रिपोर्टर संदीप चिक बड़ाईक ने चैनपुर अनुमंडल पदाधिकारी से लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई है।

मुख्य रूप से यह विभागीय लापरवाही का नतीजा है जिसके वजह से स्थानीय नीति का घोर उल्लंघन हुआ है अब तत्काल फर्जी जाति आवासीय प्रमाण पत्र को रद्द कर इनके ऊपर में कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए जिससे आम जनों का विश्वास सरकारी कार्यालय में बढ़ सके ।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here


Stay Connected

899FansLike
1,500FollowersFollow
568SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles