सफलता की कहानी लाह खेती से जीवन की बदली तस्वीर,तकदीर संवारती उत्पादक समूह की दीदियां
सिमडेगा :- केरसई प्रखण्ड के बाघडेगा पंचायत अंतर्गत डोंगीझरिया में 21 किसानों द्वारा सामूहिक रूप से लाह खेती कर अपनी आजीविका को सुदृढ़ करने की सामूहिक पहल एक मिसाल है जो कहीं ना कहीं सामूहिक एकता और महिला सशक्तिकरण का परिचायक है।
वर्ष 2021 में जेएसएलपीएस के जोहार परियोजना द्वारा रोजी-रोटी उत्पादक समूह का गठन बाघड़ेगा भंडारा टोली में किया गया,जिसमें डोंगी झरिया के भी दीदियाँ सदस्यता शुल्क और अंश पूंजी देकर उत्पादक समूह से जुड़ी जोहार परियोजना अंतर्गत चार प्रकार के गतिविधियों में से वनो पज गतिविधि में दीदियों को वैज्ञानिक तरीकों से लाह खेती का प्रशिक्षण दिया गया, तत्पश्चात पास 5-5 kg कुसूमी, लाह बिहन, स्प्रे मशीन, कटर मशीन दिया गया,जिससे किसान समय से लाह में स्प्रे और कटिंग कर सके।

अब सभी दीदियाँ लाह खेती वैज्ञानिक विधि द्वारा करने लगी। इसके पूर्व इस पैंच में परंपरागत विधि द्वारा लाह खेती किया जाता था, जिससे उत्पादन की मात्रा कम होती थी।
डोंगी झरिया गांव में बैर पेड़ का पैच है जिसे उत्पादक समूह द्वारा महिल किसानों को लाह खेती के प्रति एकजुट किया गया और इसका बैकवर्ड लिंकेज एवं फॉरवर्ड लिकेज उत्पादक समूह के कैडर द्वारा करने की जिम्मेदारी ली गई।
लगभग 1 से 2 एकड़ क्षेत्र में बेर का पेड़ किसानों का है और सभी किसान लाह की खेती के लिए सामूहिक रूप से इसमें बिहन लगाते हैं, इस वर्ष सभी किसान अपने पेड़ों में लगभग दो-दो kg बिहन लगाए हैं। इस पैच में लिफ्ट सिंचाई योजना भी सब्जी खेती के लिए दी गई है, जिसमें उत्पादक समूह की दीदियाँ मिश्रित खेती बागवानी और लाह की खेती कर अपनी आजीविका बढ़ा रही हैं और आमदनी दुगना कर रही हैं।

इस वर्ष लाह सामूहिक 3 क्विंटल 18 kg संग्रहित कर 650 रु के दर से बाजार में बिक्री किया गया जिसका कुल मूल्य ₹2,06,700 रु होता है, जिसमें पीजी द्वारा खर्च और कमीशन काट कर सभी किसानों के बीच उनकी उपज अनुसार लाभ रकम का भुगतान किया गया है। शुद्ध मुनाफा अत्यधिक होने के कारण विगत वर्षों से लाह की खेती के लिए किसान निरंतर आगे आ हैं और अपनी आय बढ़ाते हुए अपने परिवार और बच्चों को उच्च शिक्षा दिला रहे हैं। लाह खेती से सभी किसान खुश है एवं उत्पादक समूह की अगुआई में कृषि और वनोपज में बेहतर उत्पादन कर रहे हैं।
इसके लिए उत्पादक समूह की प्रत्येक दीदी जेएसएलपीएस का धन्यवाद करती हैं।




