झारखंड सरकार के मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की को 8 सूत्री मांग पत्र देने की घोषणा
रांची : कुरैशी समाज झारखंड में लगभग 6 लाख है, लेकिन इस समाज के नेतृत्व का निर्माण नहीं हो पाया है और प्रतिनिधित्व के में पीछे है. कुरैशी समाज एक व्यापारी समाज है जो अपने परिवार का पालन पोषण पशु व्यापार, मीट व्यापार द्वारा करता है,मगर अब यह व्यापार करना मुश्किल हो गया है और मीट व्यापार में सुधारो की जरूरत है.मीट व्यापार लाखों लोगों को रोटी से जुड़ा व्यापार है जिसमें समाज के अलग-अलग वर्ग आते हैं. यह बातें कुरैश कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सनोबर अली कुरैशी और महासचिव आशिकीन कुरैशी और कुरैश कांफ्रेंस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह जमायतुल कुरैश 84 पंचायत झारखंड अध्यक्ष अफसर कुरैशी प्रदेश अध्यक्ष झारखंडने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता मे कहीं. उन्होंने कहा कि मीट व्यापार से किसान, पशु व्यापारी, मीट शॉप मलिक, बुचर, ट्रांसपोर्टर आदि भी जुड़े हैं. झारखंड में नगर निगम के द्वारा सभी पशु वधशाला बंद पड़े हैं तथा पशु बाजारों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और जानवरों के यातायात पर गैर सरकारी संगठनों द्वारा लूटपाट होती है तथा पशु व्यापारियों को शारीरिक तौर से नुकसान पहुंचाया जाता है. मीट व्यापार सीधे तौर पर डेयरी विकास तथा किसानों के विकास से भी जुड़ा हुआ है. उन्होंने राज्य मीट बोर्ड का गठन और एकल विंडो सिस्टम लागू करने, कुरैश समाज के शैक्षणिक तथा आर्थिक विकास के लिए कोचिंग और गाइडेंस सेंटर तथा स्कीम डेवलपमेंट सेंटर खोले जाए समिति मांग झारखंड सरकार से की. इस मौके पर हाजी अफसर कुरैशी अध्यक्ष,मोहम्मद मुमताज कुरैशी सचिव, हाजी तौफीक कुरैशी कोषाध्यक्ष, हाजी बिलाल कुरेशी, इसके अलावा धनबाद, जमशेदपुर, कोडरमा, बोकारो, बरही, हजारीबाग, लातेहार, पलामू, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, रांची, कांटा टोली, गुदरी चौक, डोरंडा, कांके, समेत कई लोग मौजूद थे।















